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मुनिश्री तरुणसागरजी की ताजा खबरें।
पूनाः क्रांतिकारी राष्ट्रसंत मुनिश्री तरुणसागरजी महाराज का आगामी चातुर्मास औरंगाबाद में होगा। ऐसी घोषणा स्वयं मुनिश्री ने आज अपने प्रवचन के दौरान की।
क्या आप जानते है
महाराजी ने कई किताबें लिखी, जिसमें सबसे मशहूर ‘कड़वे-प्रवचन (भाग 1, 2, 3 और अब 4 भी)’ रही। अब तक 6 भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। और 4 लाख प्रतियां बिक चुकी है।जो कि जैन इतिहास में विश्व रिकार्ड है.
क्या आप जानते है
महाराजी भारतीय सेना को संबोधित करनेवाले देश के पहले संत है।

औरंगाबाद में बना दुनिया का सबसे लंबा ग्रिटींग कार्ड

शुक्रवार 15 से रविवार 17 अगस्त 08 को एक अनोखे कार्यक्रम का आयोजन मुनिश्री तरुणसागरजी के तत्वावधान में आयोजित किया गया। वह है-दुनिया का सबसे लंबा ग्रिटींग कार्ड. लगभग 1000 फीट लंबा यह कार्ड अब तक का दुनिया का सबसे लंबा ग्रिटींग कार्ड है,जिसका नाम ग्रिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होने की भी संभावना  है।  इसपर 1008 आम लोगों द्वारा मुनिश्री के प्रति अपनी भावना लिखीत स्वरुप में व्यक्त की गई। 17 तारीख को यह कार्ड मुनिश्री को भेंट किया गया। इस कार्ड पर

अपनी भांवाजली व्यक्त करने हेतु पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरराव जोशी, सासंद चंद्रकांत खैरे, आमदार किशवचंद तनवाणी सहीत पूरे देश से कई  गणमान्य व्यक्ति पधार रहे हैं इस त्रिदिवसीय आयोजन में लगभग एक लाख लोगों द्वारा  भेंट दी गई।  इस आयोजन की मुख्य संकल्पना पारस जैन,नासिक की है। उन्होंने इस आयोजन के उद्देश के बारे में कहते हुए कहा कि, हम मुनिश्री के विचारों को एवं उनके प्रति लोगोंकी भावना को पूरे देश सहित पूरे दुनिया में पहुचाना चाहते है। तथा मुनिश्री ने आज तक कई नये नये रिकार्ड बनाये है। रिकार्ड के इस बादशाह का नाम हम रिकार्ड की गीता ग्रिनीज बुक ऑफ  वर्ल्ड रिकार्ड में लिखना चाहते है।

राष्ट्रप्रीति की छाया में राजनिति हो तो ठीक है - मुनि तरुणसागर

औरंगाबाद(महा) 10 अगस्त- क्रांतिकारी राष्ट्रसंत मुनिश्री तरुणसागरजी ने कहा कि राष्ट्रप्रीति की छाया में यदि राजनिति होती है तो बुरी नहीं है। लेकिन आदमी अगर राष्ट्रप्रीति चूक जाये और केवल राजनिति खेलता रहे तो अच्छा नहीं।

जैन मुनि श्री तरुणसागरजी तापडिया-कासलीवाल प्रॉपर्टीज प्रांगण में निर्मित भव्य और विशाल पंडाल में अपनी कड़वे-प्रवचन माला के विशेष शृंखला के शुभारंभ में बोल रहे थे। कार्यक्रम में राष्ट्रसंत भैय्यूजी महाराज, स्वामी श्री हरीचैतन्य महाप्रभु, सासद चंद्रकांत खैरे, विधायक राजेंद्र पाटणी, विधायक डॉ. कल्याण काले, साहित्यकार सुरेश सरल. गायिका संगीता जैन, सहित अनेक गणमान्य एवं 30 हजार से अधिक श्रध्दालु मौजूद थे। मुनिश्री ने कही कि, पद नहीं ,पादुका महत्वपूर्ण है। अगर प्रभु के प्रति मन में भक्ति है तो पद स्वतः आदमी के पीछे पीछे चलतेहै। बछडा हजारों गायों के बीच अपनी मॉं को पहचान लेता है, उसी तरह कर्म भी हजारों व्यक्ति के बीच व्यक्ति को पहचान लेता है। भैय्यूजी महाराज ने कहा कि महावीर दुनिया में पहले ऐसे दार्शनिक थे जिन्होंने वर्णव्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद की। स्वामी हरीचैतन्य महाप्रभु ने कहा कि यदि व्यक्ति को ठीक ठंग से रहना, कहना और सहना आ जाये तो वह आज भी सुखी हो सकता है। समारोह में तरुणसागर साहित्य केंद्र के संयोजक संत्येंद्र रावकां इंदौर, जगदीश पोरवाल, पवन पोरवाल ने भी श्रीफल भेंट किया।

इसी प्रवचन माला के अंतर्गत यहांपर एक विशाल दुनिया का सबसे बडा ग्रिंटींग कार्ड का निर्माण चल रहा है। 1000 फीट लंबे इस ग्रिंटींग कार्ड पर 15 से 17 अगस्त के बीच देशभर से लगभग 1000 भक्तों द्वारा मुनिश्री के प्रति विनयांजलि लिखी जायेेगी तत्पश्चात यह कार्ड मुनिश्री को भेंट किया जायेगा। इस विशाल कार्ड का नाम दुनिया का सबसे लंबा ग्रिंटींग कार्ड के अंतर्गत ग्रिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में लिखे जाने की पुरी संभावना है। कार्यक्रम के पश्चात श्री कांतिकुमार जैन द्वारा महाप्रसादी रखी गई। कड़वे प्रवचन माला का शुभारंभ अतिथीयोंके दीप प्रज्वलन से हुआ। मुनिश्री की यह प्रवचन श्रृंखला आगामी 17 अगस्त तक चलेगी।

मुनिश्री तरुणसागरजी के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया

औरंगाबाद, 13 जुलाई
औरंगाबाद में 28 वें चातुर्मास के लिए पधारे मुनिश्री तरुणसागरजी महाराज की उपस्थिति में आज यहां अदालत रोड स्थित तापडिया, कासलीवाल मैदान पर गुरुपूर्मिमा पर्व उत्साह के साथ मनाया गया।

 कार्यक्रम स्थल पर सुबह सवेरे मुनिश्री के आगमन पर पूरा शामियाना जयकार से गूंज उठा। ध्वजारोहण की घोषणा के साथ ही पूजा प्रकाश अजमेरा ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।

बाद में शामियाने के मध्य स्थित घूमते मैजिक बाक्स से युधिष्ठर के रुप में आये सरकार ने जादू से राष्ट्रध्वज तिरंगा, पुष्पगुच्छों के साथ जैन धर्म की विशाल चार धर्म ध्वजाएं निकालीं, जिन्हें देख कर श्रृद्धालुजन चकित रहे। दुसरी और स्वागत गीत के साथ जैन महिला मंडल की कार्यकर्ताओनें मुनितरुणसागर पधारे यह गीत पे नृत्य के साथ प्रस्तुत किया, तब पूरा परिसर झूम उठा। तत्पश्चात गुरुमंत्रदीक्षा कार्यक्रम के लिए मुनिश्री शामियाने के मध्य में स्थापित घुमते हुए विशाल कमल पर विराजमान हुए। घुमता कमल चारों दिशाओं के मध्य में था। पूरब-पश्चिम, उत्तर-दक्षिण दिशाओं से उनका आशीर्वाद लेने के लिए औरंगाबाद जिले सहित पुणे,सातारा, सांगली, कोल्हापुर, गुजरात, मध्यप्रदेश,हरियाणा,उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों से आये गुरुभक्त आने लगे। मंच संचालन कर रहे बेलगाम के विधायक संजय पाटिल मुनिश्री के जीवन से संबंधित व्याख्यानों के साथ साथ सभी पुजा अर्चनाओं की घोषणा कर रहे थे। इस दौरान मुनिश्री को पिच्छीं , कमंडल तथा शास्त्र दान किये गये. इस अवसर परआयोजित समवशरण के पहले अपने संबोधन न में विधायक राजेद्रं दर्डा ने कहा की हम सब के लिए अनोखा दिन है। क्रांतिकारी राष्ट्रसंत के रुप में प्रसिध्द मुनिश्री तरुणसागरजी महाराज का यहां चातुर्मास के लिए उपस्थित होने से आज इतिहास रचने जा रहा है। उन्होंने कहा-‘आज तक मीठे प्रवचन बहुत सुने थे लेकिन कड़वे-प्रवचन के माध्यम से हजारों भक्तों को अपनी ओर खीचने वाले पहली बार आये है। श्री दर्डा ने कहा की परिवर्तन की लडाई का योध्दा यदि कोई है तो वह है तरुणसागरजी महाराज ही है। यहां भी वे अवश्य ही नये प्रयोग कर सभी को लाभान्वित करेंगे। दोपहर में गुरुपरिवार सम्मेलन था जिसमें श्री राजेन्द्र झेले (जयसिंगपुर) , विलास शेटी (सांगली), विधायक संजय पाटील (बेलगाम), शांतिनाथ होतपेट्टे ने अपने विचार रखे। नई दिल्ली के मुनिश्री के परम भक्त विजेर्द्र कुमार जैन ने चातुर्मास समिति के एक लाख रुपये को तथा प्रवचन में उपस्थित गुरु भाईयों की अच्छी सुविधा के लिए  भी दान देने की घोषणा की। कार्यक्रम में चातुर्मास समिति के सभी पदाधिकारी, विधायक राजेंद्र दर्डा, सांसद चंद्रकांत खैरे सहित अनेक मान्यवर उपस्थित थे।

मुनिश्री तरुणसागरजी का चातुर्मास औरंगाबाद में

पूनाः क्रांतिकारी राष्ट्रसंत मुनिश्री तरुणसागरजी महाराज का आगामी चातुर्मास औरंगाबाद में होगा। ऐसी घोषणा स्वयं मुनिश्री ने आज अपने प्रवचन के दौरान की। औरंगाबाद के सांसद चन्द्रकांत खेरे ने 100 सदस्यीय प्रतिनिधी मण्डल का नेतृत्व करते हुए मुनिश्री को औरंगाबाद चातुर्मास के लिए श्रीफल भेंटकर प्रार्थना की। जिसे मुनिश्री ने स्वीकार करते हुए उपरोक्त घोषणा की।

मुनिश्री का चातुर्मास स्थलः

मुनिश्री तरुणसागरजी महाराज
सुरेश भवन, बिल्डंग न.- 2,चौराहा,
किराणा चावडी रोड, औरंगाबाद (महा.)

सम्पर्क सूत्रः- 9422707651, 9420233067